Thursday, June 23, 2011
Monday, May 2, 2011
Tuesday, March 15, 2011
Ideal Montessori at Lucknow gets 'smart class'
A cultural New event focussed around the concept of Smart Class was held at the Ideal Montessori School here on Saturday. It was inaugurated by local MLA Shyam Kishore Shukla. On this occasion Educomp Smart Class manager Saurabh and Anshul Mishra gave a brief demonstration of digital technique of education.
Director of NIMS told the gathering that 15 years back for the sake of quality education for the people residing in these areas the school came into existence as most of the people who are living here were either illiterate or having a rural background. She emphasised on the educomp program and said that its a remarkable approach.
Principal of the school Kavita Gupta told that lot of efforts are generated here to promote good and quality education and the school is getting good response for the cause.
Vice principal of the college Alka Srivastava told that the school in the old city is the first digital school and they are giving proper training to the teachers who are working there.
वकीलों पर लाठीचार्ज सरकार की तानाशाही: गौरव भाटिया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 25 फरवरी को हुई लाठीचार्ज पर विरेन्द्र भाटिया अधिवक्ता विचार मंच के संरक्षक गौरव भाटिया ने प्रेसवार्ता कर बताया कि उस दिन वकीलों का उद्देश्य शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना था।
साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि पिछली सरकार में अधिवक्ता हित के लिए 122 करोड़ का प्रावधान था। अधिवक्ता हित में विरेन्द्र भाटिया ने पिछली सरकार से गुजारिश की थी कि अधिवक्ताओं का एक अपना चैंबर हो और उन्हें पैसा मिल भी रहा था, लेकिन वर्तमान सरकार के आने के बाद पिछले चार सालों में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला है। उनका मत है कि उनकी बात मुख्यमंत्री से हो और उन्हें अपना 100 करोड का बजट मिले।
साथ ही गौरव भाटिया का यह कहना था कि 25 फरवरी को उन्होंने एडीएम सिटी ओपी पाटक से सीएम आवास जाने की बात कही और इस पर भी जब वो नहीं माने तो, वकीलों का मत था कि उन्हें हजरतगंज स्थित झूलेलाल पार्क जाने की अनुमति मिले लेकिन तब भी शासन के अधिकारियों के द्वारा उन्हेंब मना कर दिया गया साथ ही उन पर बिना किसी पूर्वसूचना के लाठीचार्ज हुआ।
उनका कहना था कि अगर लाठीचार्ज करना ही था, तो हाथ पैर पर करते पर उन लोगों ने सीधे सिर पर लाठियां चलाई। वकीलों का मत है कि दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाही हो और उचित मुआवजा भी दिया जाए।
Wednesday, March 2, 2011
वकीलों के बाद बीटीसी छात्रों पर बरसीं लखनऊ में पुलिस की लाठियां
लखनऊ: उत्तर परदेश की राजधानी लखनऊ में आज फिर राज्य सरकार का तानाशाही भरा रवैय्या देखने को मिला जब हजरतगंज स्थित झूलेलाल पार्क में बी पी एड और बी एड डिग्री धारको का विशाल प्रदर्शन हुआ जिसमे हजारो की संख्या में छात्र उपस्थित हुए|
शांति मार्च करते हुए सभी प्रदर्शनकारी छात्र विधान सभा की ओर जा रहे थे जहाँ पर लखनऊ पुलिस ने पीएसी की मदद से उनपर लाठी चार्ज किया जिसमे सैंकड़ो छात्र घायल हुए|
शांति मार्च करते हुए सभी प्रदर्शनकारी छात्र विधान सभा की ओर जा रहे थे जहाँ पर लखनऊ पुलिस ने पीएसी की मदद से उनपर लाठी चार्ज किया जिसमे सैंकड़ो छात्र घायल हुए|
साथ ही पुलिस ने प्रदर्शन की अगुआई कर रहे छात्र पवन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया| राजधानी की बेख़ौफ़ पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बक्शा और बर्बरता पूर्वक उनपर भी प्रहार किया गया|
गिरफ्तार छात्र का कहना था की हमारा लक्ष्य मार्च में बीटीसी का विज्ञापन निकलवाना है और प्रत्येक बीएड बीपीएड धारक को नौकरी दिलवाना है
इस सन्दर्ब में प्रशासन ने शिक्षा मित्रो को नियुक्ति का रास्ता साफ़ कर दिया जो की अनैतिक है जिसे छात्र संघ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेगा, कहना था गुस्साए छात्रों का|
सबसे पहले बीएड और बीपीएड छात्रों को नौकरी प्राथमिक तौर पर दी जाए नहीं तो इस अंदोलन को विशाल रूप से पूरे प्रदेश में चलाया जायेगा, उन्होंने कहा | और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा और यदि बात नहीं मानी गई तो इसका विरोध विधानसभा के सामने विशाल रूप से किया जायेगा, छात्र नेताओं ने कहा|
लखनऊ में वकीलों पर बर्बर लाठीचार्ज से अधिवक्ता बिफरे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज एक बार फिर प्रशासन का लोकतंत्र को ध्वस्त करता चेहरा दिखा | मामला था वीरेन्द्र भाटिया विचार मंच के बैनर तले प्रदर्शन करते वकीलों का वकीलों पर पुलिसिया कहर का टूटना | न केवल पुलिस वालों ने वकीलों को दौड़ा दौड़ा कर मारा वरन सारी हदें लांघ दी| उनका कसूर कि वो मांग कर रहे थे कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पार्को और स्मारकों की सुरक्षा के लिए जहां एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये का प्रावधान है वहीँ अधिवक्ता हित के लिए कुछ भी नहीं है|
ये कैसा सर्वजन हिताय स्वर्जन सुखाय है, ये सरकार क्या कर रही है कहते हुए अपनी इन्ही मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी वकील प्रदेश की मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे जहाँ राजधानी स्थित परिवर्तन चौक पर पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जगह जगह बेरिकेडिंग की गई|
इसके चलते वकील उग्र हो गए और उन्होंने प्रशासन के एसडीएम् की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया और जमकर पथराव किया| आपे से बाहर हुए अधिवक्ताओं को काबू करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल का प्रयोग करना पड़ा और उन्होंने वकीलों को जम कर पीटा| प्रदर्शनकारी वकीलों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेजा मौके के तनाव को देखते हुए हाई कोर्ट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है|
वही इसी बैनर के तले करने आये वकील विनय तिवारी का कहना है की प्रदेश में निरंकुश और तानाशाही भरा शासन हो रहा है, सूबे की मुख्यमंत्री मनमानी कर रही है और बहुत जल्द ही उनका भी हाल गद्दाफी जैसा होने वाला है| इनकी मांग थी की वकीलों को भत्ता दिया जाए अपनी सेवा से मुक्त हो चुके वकीलों को पेंशन दी जाए और सारे वकीलों का पांच लाख का बीमा किया जाए| इस प्रदर्शन में बार काउंसिल सुल्तानपुर, बार काउंसिल हरदोई, बार काउंसिल लखीमपुर खेरी व बार काउंसिल सीतापुर के वकील भी शामिल थे|
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